माँ शेर पे चढ़ के आई

maa sher pe charh ke aayi

माँ शेर पे चढ़ के आई,
जयकारा गूँजे गली गली॥

माँ आसन पर आ बैठ गई,
चरणों में दीप जलाया,
उजियारा हो गया गली गली,
माँ शेर पे चढ़ के आई,
जयकारा गूँजे गली गली॥

माँ आसन पर आ बैठ गई,
मैंने प्रेम से चरण धुलाए,
गंगा जल हो गया गली गली,
माँ शेर पे चढ़ के आई,
जयकारा गूँजे गली गली॥

माँ आसन पर आ बैठ गई,
मैंने माँ को तिलक लगाया,
रंग बिखर गए है गली गली,
माँ शेर पे चढ़ के आई,
जयकारा गूँजे गली गली॥

माँ आसन पर आ बैठ गई,
मैंने ऐसी फूल चढ़ाया,
फुलवारी हो गई गली गली,
माँ शेर पे चढ़ के आई,
जयकारा गूँजे गली गली॥

माँ आसन पर आ बैठ गई,
मैंने माँ को भोग लगाया,
भंडारा हो गया गली गली,
माँ शेर पे चढ़ के आई,
जयकारा गूँजे गली गली॥

माँ आसन पर आ बैठ गई,
हम सबने भेटे गाई,
जगराता हो गया गली गली,
माँ शेर पे चढ़ के आई,
जयकारा गूँजे गली गली….

Naman Sharma

Naman Sharma, Content Creator, writer, Blogger, YouTuber, Folk Song Writter

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